लैंसडाउन में अग्निवीरों के बीच पहुंचे NSA अजित डोभाल

लैंसडाउन: राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजित डोभाल ने उत्तराखंड के लैंसडाउन स्थित गढ़वाल राइफल्स रेजिमेंटल सेंटर का दौरा कर अग्निवीरों की ट्रेनिंग और सैन्य तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल एनएस राजा सुब्रमणि भी मौजूद रहे। दोनों वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रशिक्षण के दौरान जवानों की ओर से किए गए विभिन्न डेमो को देखा।
दौरे के दौरान अग्निवीरों ने आधुनिक युद्धक तकनीकों और हथियारों के इस्तेमाल से जुड़ी अपनी ट्रेनिंग का प्रदर्शन किया। इसमें ड्रोन ऑपरेशन के साथ-साथ टैक्टिकल हथियारों का अभ्यास भी शामिल था। जवानों ने क्लोज क्वार्टर बैटल से जुड़ी तकनीकों का भी प्रदर्शन किया, जिससे प्रशिक्षण में पारंपरिक सैन्य कौशल के साथ आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल पर जोर दिखाई दिया।
शौर्य स्थल से शुरू हुआ दौरा
अजित डोभाल के दौरे की शुरुआत शौर्य स्थल से हुई। यहां उन्होंने रेजिमेंट के वीरता पुरस्कार प्राप्त जवानों को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद पौधरोपण कार्यक्रम में हिस्सा लिया गया। डोभाल ‘दीदी-भुल्ली सशक्तीकरण प्रोजेक्ट’ के तहत संचालित ‘ट्रिप इज लाइफ’ कैफे भी पहुंचे, जहां स्थानीय महिलाओं ने उनका पारंपरिक तरीके से स्वागत किया। उन्होंने वहां गढ़वाली चाय और स्थानीय व्यंजनों का स्वाद भी लिया।

इसके बाद डोभाल रेजिमेंटल सेंटर के मंदिर पहुंचे और पूजा-अर्चना की। फिर वीर सिंह लाइंस में उन्होंने अग्निवीरों की ट्रेनिंग का निरीक्षण किया। यहां जवानों ने ड्रोन फ्लाई, क्लोज कॉम्बैट ट्रेनिंग और अन्य सैन्य अभ्यासों का प्रदर्शन किया। अधिकारियों को ट्रेनिंग से जुड़ी जानकारी ऑपरेशनल ब्रीफिंग के जरिए भी दी गई।
आधुनिक युद्ध की जरूरतों के अनुरूप ट्रेनिंग
गढ़वाल राइफल्स रेजिमेंटल सेंटर में प्रशिक्षण व्यवस्था में आधुनिक तकनीक को शामिल किया जा रहा है। इसी साल मई में उत्तराखंड के राज्यपाल के संबोधन में भी ड्रोन ट्रेनिंग, कॉम्बैट ट्रेनिंग सिमुलेटर, ऑटोमैटिक स्कोरिंग सिस्टम और अन्य आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाओं का उल्लेख किया गया था।
दौरे के दौरान डोभाल और CDS ने सैन्य प्रशिक्षण के साथ-साथ जवानों की ऑपरेशनल क्षमता और सुविधाओं से जुड़े पहलुओं की जानकारी भी ली। अगले दिन वॉर मेमोरियल पहुंचकर बलिदानी सैनिकों को श्रद्धांजलि दी गई और अधिकारियों, जेसीओ, जवानों तथा अग्निवीरों से बातचीत की गई।
इस दौरे की एक खास बात यह भी रही कि कोटद्वार से आए करीब 80 पूर्व सैनिकों ने अजित डोभाल से मुलाकात की। कार्यक्रम के दौरान उन्हें स्मृति चिह्न और गढ़वाल राइफल्स से जुड़ी पुस्तक भी भेंट की गई।