
नई दिल्ली: दिल्ली स्थित राऊज एवेन्यू कोर्ट के सेशंस कोर्ट ने महिला पहलवानों के कथित यौन उत्पीड़न मामले में भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह और पूर्व सचिव विनोद तोमर को बरी करने के आदेश के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई की। अदालत ने इस मामले में नोटिस जारी करते हुए अगली सुनवाई की तारीख 9 अक्टूबर तय की है।
चार पीड़ित महिला पहलवानों ने मजिस्ट्रेट कोर्ट द्वारा 3 अगस्त को सुनाए गए फैसले को सेशंस कोर्ट में चुनौती दी है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि निचली अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों का समग्र मूल्यांकन करने के बजाय केवल चुनिंदा तथ्यों के आधार पर निर्णय दिया, जो स्थापित कानूनी प्रक्रियाओं के प्रतिकूल है। इससे पूर्व, मजिस्ट्रेट कोर्ट ने घटना की शिकायत में हुई देरी और घटनाक्रम के बाद भी सामान्य संपर्क बने रहने की दलील को आधार बनाते हुए आरोपियों को राहत दी थी। गौरतलब है कि मामले में दर्ज पुलिस चार्जशीट के तहत भारतीय दंड संहिता की धारा 354, 354D, 354A और 506(1) के अंतर्गत गंभीर आरोप तय किए गए थे।
मामले की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने तर्क रखा कि कथित घटना की तिथि पर मुख्य आरोपी देश में मौजूद नहीं थे। इसके साथ ही पूर्व में गठित जांच समिति की रिपोर्ट और प्रारंभिक प्रदर्शनों के घटनाक्रम का हवाला देते हुए याचिका को खारिज करने की मांग की गई। दूसरी ओर, याचिकाकर्ता पहलवानों के कानूनी प्रतिनिधियों ने दलील दी कि संबंधित जांच समिति का गठन तय नियमों के अनुरूप नहीं था और पुलिस चार्जशीट में दर्ज आरोपों के आधार पर ही कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जानी चाहिए। सेशंस कोर्ट अब आगामी तारीख पर दोनों पक्षों की दलीलों और रिकॉर्ड का पुनरावलोकन करेगा।