नैनीताल में बाघ का हमला, युवक की मौत
चमोली में गुलदार के हमले से ग्रामीण घायल, इलाके में दहशत

उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में इंसान और वन्यजीवों के बीच टकराव लगातार बढ़ता जा रहा है। ताजा घटनाओं ने लोगों की चिंता और डर दोनों बढ़ा दिए हैं। नैनीताल में एक युवक की बाघ के हमले में मौत हो गई, जबकि चमोली में गुलदार के हमले में एक ग्रामीण घायल हो गया।
नैनीताल जिले के फतेहपुर रेंज के भदूनी गांव में देर रात एक दर्दनाक घटना सामने आई। 30 वर्षीय कमल सिंह शादी समारोह से लौट रहे थे, तभी खेत के पास बाघ ने उन पर हमला कर दिया। सुबह ग्रामीणों को उनका शव क्षत-विक्षत हालत में मिला, जिसके बाद पूरे इलाके में दहशत फैल गई। बीते कुछ महीनों में इस तरह की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जिससे लोगों में गुस्सा भी है और डर भी।
आंकड़ों के अनुसार, नैनीताल में यह दो दिनों के भीतर दूसरी और एक महीने में तीसरी घटना है। खासकर कॉर्बेट टाइगर रिजर्व से सटे इलाकों में खतरा ज्यादा बढ़ गया है, जहां जंगल और बस्तियों के बीच की दूरी कम होती जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि वन विभाग को पहले से बाघ की मौजूदगी की जानकारी थी, लेकिन समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
वहीं चमोली जिले के पोखरी ब्लॉक के रौता गांव में भी गुलदार के हमले से एक युवक घायल हो गया। मोहित सिंह खेत में काम कर रहे थे, तभी गुलदार ने अचानक उन पर हमला कर दिया। उन्होंने हिम्मत दिखाते हुए मुकाबला किया और किसी तरह अपनी जान बचाई, हालांकि उनके हाथ और पीठ पर गहरे जख्म आए हैं। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।
इन घटनाओं के बाद दोनों इलाकों में डर का माहौल है। ग्रामीण लगातार वन विभाग से कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, जिसमें गुलदार को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने और प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने की बात शामिल है।