पीजीआई रैंकिंग में उत्तराखंड की छलांग, राज्यों की रैंकिंग में 15वां स्थान हासिल
पीजीआई 2.0 रिपोर्ट में उत्तराखंड को 15वां स्थान, शिक्षा क्षेत्र में बड़ा सुधार

शिक्षा सचिव रविनाथ रामन ने जानकारी दी कि केंद्र सरकार द्वारा जारी परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स 2.0 की वर्ष 2024-25 रिपोर्ट में उत्तराखंड ने राष्ट्रीय स्तर पर 15वां स्थान प्राप्त किया है। यह उपलब्धि पिछले वर्षों की तुलना में राज्य के प्रदर्शन में उल्लेखनीय सुधार को दर्शाती है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2023-24 में राज्य 24वें स्थान पर था, जबकि इससे पहले 2020-21 में उत्तराखंड राष्ट्रीय रैंकिंग में सबसे निचले 35वें स्थान पर पहुंच गया था। वर्ष 2021-22 में यह सुधार के साथ 30वें स्थान पर आया था। अब 15वें स्थान पर पहुंचना राज्य के लिए महत्वपूर्ण प्रगति माना जा रहा है।
शिक्षा सचिव के अनुसार परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स (PGI) को 2017-18 में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की शिक्षा व्यवस्था का एक समान मूल्यांकन करने और सुधार को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से शुरू किया गया था। इसमें सीखने के परिणाम, पहुंच, बुनियादी ढांचा, समता, शासन व्यवस्था तथा शिक्षक प्रशिक्षण जैसे प्रमुख मानक शामिल होते हैं।
माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. मुकुल कुमार सती ने बताया कि इस वर्ष की रिपोर्ट में उत्तराखंड को कुल अंकों में 58.2 अंकों की बढ़ोतरी मिली है। विशेष रूप से शासन व्यवस्था (गवर्नेंस) के क्षेत्र में राज्य ने पिछले वर्ष की तुलना में दोगुने अंक प्राप्त किए हैं, जो एक महत्वपूर्ण सुधार माना जा रहा है।
रिपोर्ट के अनुसार राज्यों को विभिन्न श्रेणियों में विभाजित किया गया है, जिसमें शीर्ष श्रेणी में चंडीगढ़ और पंजाब शामिल हैं, जबकि उत्तराखंड सहित कई राज्य मध्यम श्रेणी में रखे गए हैं।
अधिकारियों का कहना है कि यह सुधार राज्य में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने, स्कूलों की निगरानी बढ़ाने और शिक्षण गुणवत्ता में सुधार के प्रयासों का परिणाम है।