DehradunUttrakhand

उफतारा सम्मान समारोह में उत्तराखण्डी कला और सिनेमा के 100 सितारे हुए सम्मानित

दो दिवसीय उफतारा सम्मान एवं फिल्म फेस्टिवल के समापन पर कलाकारों, फिल्म निर्माताओं, गायकों और साहित्यकारों का हुआ सम्मान

देहरादून। उत्तराखण्डी सिनेमा, लोक संस्कृति और कला जगत से जुड़े 100 विशिष्ट व्यक्तित्वों को रविवार को उफतारा सम्मान से सम्मानित किया गया। दो दिवसीय उफतारा सम्मान एवं फिल्म फेस्टिवल के दूसरे दिन आयोजित भव्य समारोह में चार दशकों से उत्तराखण्ड की संस्कृति, फिल्म और संगीत जगत में योगदान देने वाली विभूतियों को सम्मान पत्र एवं स्मृति चिन्ह भेंट किए गए।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज, विशिष्ट अतिथि उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद के कार्यकारी अधिकारी बंशीधर तिवारी, सांस्कृतिक परिषद की उपाध्यक्ष मधु भट्ट एवं उत्तराखंड फिल्म डेवलपमेंट काउंसिल  के नोडल अधिकारी के. एस. चौहान समेत अनेक लोग उपस्थित रहे।

संस्कृति विभाग के प्रेक्षागृह में आयोजित इस कार्यक्रम का आयोजन उत्तराखण्ड फिल्म टेलीविजन एंड रेडियो एसोसिएशन (उफतारा) द्वारा किया गया। समारोह में देश-विदेश से पहुंचे उत्तराखण्डी कलाकारों, फिल्म निर्माताओं, गायकों और साहित्यकारों ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में लोक गायकों की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया और पूरा सभागार उत्तराखण्ड की सांस्कृतिक रंगत से सराबोर नजर आया।

सम्मानित होने वालों में प्रथम फिल्म निर्माता पाराशर गौड़, वरिष्ठ अभिनेत्री एवं फिल्म निर्मात्री उर्मि नेगी, अभिनेता बलराज नेगी, लेखक एवं निर्देशक सुनील बडोनी, अभिनेत्री मंजू बहुगुणा, अभिनेता रमेश रावत, साहित्यकार सुरेश स्नेही, गीतकार संदीप रावत, लोकगायक अनिल बिष्ट, मिनी उनियाल, मुकेश धस्माना, रचिता कुकरेती, नलिनी गोसाईं  वरिष्ठ पत्रकार सहित अनेक कलाकार और  फिल्म निर्माता शामिल रहे।

इस अवसर पर उफतारा के अध्यक्ष प्रदीप भण्डारी ने कहा कि उफतारा पिछले कई वर्षों से उत्तराखंड के फिल्म उद्योग को सशक्त और संगठित बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने राज्य सरकार से लंबित फिल्म पुरस्कारों का शीघ्र वितरण सुनिश्चित करने तथा फिल्म बोर्ड में अनुभवी और सक्रिय फिल्मकारों को उचित प्रतिनिधित्व देने की मांग की।

वहीं उफतारा के महासचिव कान्ता प्रसाद ने कहा कि उत्तराखंड में फिल्म नीति के निर्माण और फिल्म विकास परिषद की स्थापना जैसे महत्वपूर्ण कदमों में उफतारा की भूमिका हमेशा अग्रणी रही है। उन्होंने कहा कि संगठन प्रदेश की समृद्ध लोक संस्कृति, लोकभाषाओं और फिल्म कला को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए लगातार कार्य कर रहा है।

उफतारा वर्षों से निरंतर इस सम्मान समारोह का आयोजन करता आ रहा है साथ ही प्रदेश की कला संस्कृति और फिल्म जगत से जुड़े कलाकारों को एक मंच प्रदान कर रहा है। ऐसे आयोजन से न केवल कलाकारों के योगदान को सम्मानित किया जाता है बल्कि नई पीढ़ी को भी अपनी लोक संस्कृति और फिल्म कला से जुड़ने की प्रेरणा मिलती है

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!