
देहरादून: उत्तराखंड में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर तैयारियां अब निर्णायक चरण में पहुंचती नजर आ रही हैं। प्री-एसआईआर अभियान के तहत प्रदेश में अब तक लगभग 87 प्रतिशत मतदाताओं की मैपिंग पूरी कर ली गई है, जो इस प्रक्रिया में एक बड़ी प्रगति मानी जा रही है।
बीजापुर गेस्ट हाउस में सोमवार को आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में यह जानकारी राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने साझा की। बैठक में राजस्थान के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन भी शामिल रहे, जिन्होंने हाल ही में राजस्थान में सफलतापूर्वक संपन्न हुए विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के अनुभव उत्तराखंड के अधिकारियों के साथ साझा किए।
बैठक के दौरान नवीन महाजन ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से SIR की पूरी कार्यप्रणाली, तकनीकी नवाचारों और जमीनी स्तर पर किए गए समन्वय के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कैसे बेहतर डेटा प्रबंधन, डिजिटल टूल्स के प्रभावी उपयोग और बूथ स्तर पर मजबूत निगरानी से राजस्थान में SIR प्रक्रिया को समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पूरा किया गया।
उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि उत्तराखंड में भी तकनीक के अधिकतम उपयोग, फील्ड स्टाफ के प्रशिक्षण और स्थानीय प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय से प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।
उत्तराखंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने बताया कि राज्य में SIR को पारदर्शी, त्रुटिरहित और समावेशी बनाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्री-एसआईआर के तहत हो रही मैपिंग से मतदाता सूचियों की शुद्धता सुनिश्चित होगी और फर्जी या दोहराव वाले नामों को हटाने में मदद मिलेगी।
उन्होंने आगे बताया कि राज्य के सभी जिलों में निर्वाचन विभाग की टीमें तेजी से कार्य कर रही हैं और बूथ स्तर अधिकारियों (BLO) की सक्रिय भागीदारी से यह प्रक्रिया निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है।
इस बैठक को उत्तराखंड में SIR प्रक्रिया को नई दिशा देने वाला महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे आने वाले चुनावों के लिए मतदाता सूचियों को अधिक सटीक और विश्वसनीय बनाया जा सकेगा।