
देहरादून। उत्तराखंड जल संस्थान में वर्षों से लंबित भुगतानों को लेकर आंदोलित संयुक्त ठेकेदार संघ ने विभागीय अधिकारियों के आश्वासन के बाद फिलहाल अपना धरना-प्रदर्शन स्थगित कर दिया है। इसी संबंध में मंगलवार को ठेकेदारों कीएक बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता संघ के अध्यक्ष आनंद सिंह राणा ने की। बैठक में बड़ी संख्या में ठेकेदारों ने भाग लिया। ठेकेदारों ने कहा कि कई निर्माण कार्यों के भुगतान पिछले दो से तीन वर्षों से लंबित हैं, जबकि अनेक परियोजनाएं दो वर्ष से अधिक समय पहले पूर्ण हो चुकी हैं। इसके बावजूद संबंधित ठेकेदारों को भुगतान नहीं मिला है। साथ ही कई मामलों में एफडीआर भी वापस नहीं की गई है, जिससे ठेकेदारों को गंभीर आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

इसके बाद जल संस्थान के मुख्य अभियंता एवं विभागीय अधिकारियों ने संघ को आश्वस्त किया कि लंबित भुगतानों के निस्तारण के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी तथा एफडीआर वापसी सहित अन्य वित्तीय मामलों का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा।
बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि विभाग को लगभग 29 करोड़ रुपये की धनराशि प्राप्त हो चुकी है, जबकि 30 जून 2026 तक करीब 300 करोड़ रुपये और मिलने की संभावना है। अधिकारियों द्वारा दिए गए इस आश्वासन को देखते हुए संयुक्त ठेकेदार संघ ने फिलहाल अपना आंदोलन स्थगित करने का निर्णय लिया है।
हालांकि संघ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 25 जून 2026 तक भुगतान प्रक्रिया शुरू नहीं होती और लंबित समस्याओं का समाधान नहीं किया जाता है, तो ठेकेदार पुनः आंदोलन करेंगे तथा व्यापक स्तर पर विरोध-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा।बैठक में मौजूद सभी ठेकेदारों ने एक स्वर में कहा कि लंबे समय से भुगतान न मिलने के कारण उनका आर्थिक संकट लगातार गहराता जा रहा है।