
देहरादून: अवैध नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत दून पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। राजपुर थाना क्षेत्र में पुलिस और एएनटीएफ की संयुक्त टीम ने एक शातिर तस्कर को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से करीब 112 ग्राम अवैध हेरोइन बरामद की है, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 34 लाख रुपये बताई जा रही है।
यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देशन में चलाए जा रहे सघन चेकिंग अभियान के दौरान की गई। प्रदेश में “ड्रग्स फ्री उत्तराखंड” के लक्ष्य को साकार करने के लिए पुलिस लगातार मादक पदार्थों की तस्करी में लिप्त आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है।
चेकिंग के दौरान मिली बड़ी सफलता
15 मार्च 2026 को राजपुर थाना क्षेत्र में होटल, रेस्टोरेंट, बार, वाहनों और संदिग्ध व्यक्तियों की चेकिंग की जा रही थी। इसी दौरान मुखबिर से मिली सटीक सूचना के आधार पर पुलिस और एएनटीएफ की संयुक्त टीम ने धोरण पुल के पास से आरोपी राहुल चौधरी को गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान उसके पास से 112 ग्राम अवैध हेरोइन बरामद हुई।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ थाना राजपुर में एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/21/29/60 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। साथ ही घटना में प्रयुक्त वाहन (मारुति स्विफ्ट, नंबर UK-08-AK-9703) को भी सीज कर लिया गया है।
पूछताछ में सामने आया नेटवर्क
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि वह उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले का निवासी है और खुद भी नशे का आदी है। अपनी लत पूरी करने के लिए उसने नशा तस्करी का रास्ता चुना।
आरोपी सहारनपुर और बिजनौर के स्थानीय तस्करों से हेरोइन खरीदकर देहरादून में नशा करने वालों को ऊंचे दामों पर बेचने की योजना बना रहा था। हालांकि, इससे पहले ही पुलिस ने उसे दबोच लिया।
गिरफ्तार आरोपी का विवरण
राहुल चौधरी उर्फ जोगी (35 वर्ष), निवासी ग्राम नियामतपुर, पोस्ट जीतपुर पलड़ी, थाना नगीना, जनपद बिजनौर (उत्तर प्रदेश)।
बरामदगी
- 112 ग्राम अवैध हेरोइन (अनुमानित मूल्य: ₹34 लाख)
- मारुति स्विफ्ट कार (UK-08-AK-9703)
पुलिस टीम की भूमिका
इस सफल कार्रवाई में राजपुर थाना पुलिस और एएनटीएफ की संयुक्त टीम की अहम भूमिका रही। टीम में आईटी पार्क चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक अर्जुन गुसाईं, जाखन चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक दीपक द्विवेदी, कांस्टेबल मुकेश और हेड कांस्टेबल विक्रम सिंह (एएनटीएफ) शामिल रहे।
नशा तस्करों पर लगातार शिकंजा
दून पुलिस का कहना है कि जिले में नशा तस्करी के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। पुलिस द्वारा ऐसे नेटवर्क को चिन्हित कर जड़ से खत्म करने के लिए विशेष रणनीति पर काम किया जा रहा है, ताकि युवाओं को नशे के जाल से बचाया जा सके।