
उत्तराखंड के परिवहन मंत्री श्री प्रदीप बत्रा ने आज देहरादून स्थित परिवहन आयुक्त कार्यालय में आगामी चारधाम यात्रा की तैयारियों की समीक्षा के लिए एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की । बैठक में परिवहन, पर्यटन, पुलिस, शहरी विकास, लोक निर्माण विभाग और उत्तराखंड परिवहन निगम के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया और अपनी-अपनी कार्ययोजनाओं का विवरण प्रस्तुत किया ।
बैठक के दौरान मंत्री जी ने स्पष्ट किया कि सरकार का मुख्य उद्देश्य यात्रा को सफल, सुरक्षित और दुर्घटना रहित बनाना है । उन्होंने यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निम्नलिखित मुख्य निर्देश दिए:

यातायात और बस सेवा में सुधार
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अतिरिक्त बसें: ऋषिकेश के साथ-साथ हरिद्वार से भी 20 अतिरिक्त बसें संचालित की जाएंगी । यात्रियों की सुविधा के लिए दोनों स्थानों पर बसों की समय सारणी प्रदर्शित की जाएगी ।
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शटल सेवा: ऋषिकेश-श्रीनगर-केदारनाथ-बद्रीनाथ मार्ग पर जाम या भूस्खलन की स्थिति में यात्रा बाधित न हो, इसके लिए शटल सेवा की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं ।
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जाम प्रबंधन: ट्रैफिक जाम खुलने पर बसों को प्राथमिकता दी जाएगी । यदि ट्रैफिक ‘वन-वे’ किया जाता है, तो इसकी सूचना चालकों और यात्रियों को पहले ही दी जाएगी ।
स्वच्छता और यात्री सुविधाएं
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शौचालय और सफाई: यात्रा मार्गों पर ठहरने वाले स्थानों पर सुलभ शौचालयों की संख्या बढ़ाने और उनकी नियमित सफाई सुनिश्चित करने को कहा गया है ।
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कचरा प्रबंधन: नगर पालिकाओं और पंचायतों को निर्देश दिया गया है कि वे कूड़ा डालने वाले संवेदनशील स्थानों को चिन्हित कर वहां उच्च गुणवत्ता वाले डस्टबिन लगाएं ।
सुरक्षा और जागरूकता
सघन जाँच: यात्रा पर निकलने वाले वाहनों की प्रवेश बिंदु पर ही कड़ी जाँच की जाएगी ताकि पहाड़ी रास्तों पर यात्रियों को किसी तकनीकी खराबी या अन्य परेशानी का सामना न करना पड़े ।
जागरूकता अभियान: सड़क सुरक्षा और यात्रा संबंधी जानकारी के लिए ऋषिकेश, हरिद्वार और पहाड़ी मार्गों पर फ्लैक्सी, एल.ई.डी. और होर्डिंग्स के माध्यम से विज्ञापन लगाए जाएंगे ।
बुनियादी ढांचा और समन्वय
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एक्सप्रेसवे कॉरिडोर: मंत्री जी ने लोक निर्माण विभाग को दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे को हरिद्वार से जोड़ने वाले कॉरिडोर का निर्माण त्वरित गति से पूरा करने का निर्देश दिया ।

अतिथि देवो भवः: उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें और “अतिथि देवो भवः” की भावना के साथ तीर्थयात्रियों से मधुर व्यवहार करें ।
इस समीक्षा बैठक में परिवहन सचिव एवं आयुक्त श्री बृजेश कुमार सन्त सहित गृह, पर्यटन, पुलिस और शहरी विकास विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे ।