लखनऊ भीषण अग्निकांड: मलबे में जिंदगी की तलाश जारी, 6 बच्चे अब भी लापता; मुख्यमंत्री योगी ने दिए सख्त निर्देश.

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के एक रिहायशी इलाके में हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। हादसे के कई घंटों बाद भी स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। ताज़ा जानकारी के अनुसार, इस हादसे में कम से कम 6 बच्चे अभी भी लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश में राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है। इस भीषण आग की चपेट में आने से 200 से अधिक घर जलकर राख हो गए हैं।

मुख्यमंत्री ने जताया दुख, दिए उचित निर्देश
हादसे की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंचने और राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि घायलों के उपचार में किसी भी प्रकार की कोताही नहीं बरती जानी चाहिए और प्रभावित परिवारों को हर संभव सरकारी सहायता मुहैया कराई जाए।
मलबे के ढेर में तब्दील हुए 200 से ज्यादा आशियाने
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग इतनी तेजी से फैली कि लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। देखते ही देखते 200 से अधिक झुग्गियां और घर जलकर खाक हो गए। अग्निशमन दल की दर्जनों गाड़ियों ने घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक सैकड़ों परिवार खुले आसमान के नीचे आ चुके थे।
अपनों की तलाश में भटक रहे परिजन
घटनास्थल पर चीख-पुकार का माहौल है। लापता 6 बच्चों के परिजन मलबे और अस्पतालों के चक्कर काट रहे हैं। प्रशासन ने आशंका जताई है कि मलबे के नीचे अभी भी कुछ लोग दबे हो सकते हैं। एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमें खोजी कुत्तों की मदद से लापता बच्चों का सुराग लगाने की कोशिश कर रही हैं।
प्रशासनिक सतर्कता और सहायता
जिलाधिकारी ने बताया कि प्रभावित लोगों के रहने और खाने के लिए अस्थाई आश्रय स्थलों का इंतजाम किया गया है। आग लगने के कारणों की जांच के लिए एक टीम गठित कर दी गई है। शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट को आग की वजह माना जा रहा है, हालांकि विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
फिलहाल, पूरा इलाका पुलिस छावनी में तब्दील है और राहत कार्य जारी है। शहर के लोग और स्वयंसेवी संस्थाएं भी पीड़ितों की मदद के लिए आगे आ रही हैं।