उत्तराखंड की पवित्र चारधाम यात्रा 2026 का शुभारंभ रविवार, 19 अप्रैल को हो गया। अक्षय तृतीया के अवसर पर सबसे पहले गंगोत्री धाम के कपाट विधि-विधान के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए।गंगोत्री धाम के कपाट दोपहर 12:15 बजे विशेष पूजा-अर्चना और वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच खोले गए। उसके बाद 12:35 बजे यमुनोत्री धाम के कपाट भी रोहिणी नक्षत्र में खोले जाएंगे। इस मौके पर देश के अलग-अलग हिस्सों से श्रद्धालुओं ने दर्शन के लिए पहुंचे है।
मां गंगा की भोग मूर्ति विग्रह डोली भी शनिवार शाम को भैरों घाटी पहुंची गई थी. सुबह मां गंगा की डोली ने भैरों घाटी से धाम के लिए प्रस्थान किया. डोली के गंगोत्री धाम पहुंचने के बाद ही 12 बजकर 15 मिनट पर विशेष पूजा अर्चना के बाद गंगोत्री धाम मंदिर के कपाट खोले दिए गए।
इसी तरह के आज सुबह खरसाली गांव से मां यमुना की डोली भी धाम के लिए रवाना हुई. मां यमुना की डोली के पहुंचने के बाद ही 12 बजकर 35 मिनट पर यमुना धाम के कपाट अगले 6 महीनों तक भक्तों के लिए खोल दिए जाएंगे. बता दें कि, दोनों धामों के लिए हरिद्वार और ऋषिकेश के यात्रियों के जत्थे 17 अप्रैल को ही निकल गए थे.

मां यमुना की डोली रविवार को अक्षय तृतीय पर्व पर अपने शीतकालीन प्रवास खरसाली गांव से प्रात 8.38 पर शनिदेव की अगुवाई में रवाना होगी और 10 बजे यमुनोत्री धाम पहुंचेगी, जहां पूजा अर्चना एवं हवन करने के बाद वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ रोहिणी नक्षत्र योग में 12.35 पर यमुनोत्री मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे.
-प्रदीप उनियाल, कोषाध्यक्ष, यमुनोत्री मंदिर समिति-
इसके बाद 22 अप्रैल को बाबा केदार यानी केदारनाथ धाम के कपाट खोले जाएंगे. सबसे आखिर में 23 अप्रैल को बदरी विशाल यानी बदरीनाथ धाम के कपाट खोले जाएंगे. चारधाम के कपाट खुलने के बाद अगले 6 महीने तक भक्त इन्हीं चारों धाम में भगवान के दर्शन कर सकते हैं.चारधाम यात्रा के दौरान भक्तों की किसी भी तरह की दिक्कत न हो, इसके लिए पुलिस-प्रशासन ने सभी तैयारियां रखी हैं. पूरे यात्रा मार्ग पर सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए हैं. धामों में अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी बीते कई दिनों से खुद चारधाम यात्रा की तैयारियों की समीक्षा कर रहे हैं. बीते दिन उन्होंने ग्राउंड पर जाकर स्थितियों का जायजा लिया.
वहीं, पुलिस की ओर से गंगोत्री व यमुनोत्री धाम यात्रा को दो सुपरजोन, 12 जोन और 30 सेक्टर में बांटकर सुपर जोनल, जोनल व सेक्टर पुलिस अधिकारियों को नियुक्त किया गया है. यात्रा मार्गों पर 6 थाने, 9 रिपोर्टिंग पुलिस चौकी, 1 वाच एंड वार्ड और 13 सीजनल चौकियां हैं. साथ ही 12 पर्यटन पुलिस चौकियां बनाई गई हैं. चारधाम यात्रा के धाम व यात्रा मार्ग पर दो अपर पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारियों सहित 5 राजपत्रित अधिकारी, 15 निरीक्षक, 135 उपनिरीक्षक व अपर उपनिरीक्षक, 150 हेड कांस्टेबल, 250 कांस्टेबल, 20 महिला कांस्टेबल 140 होमगार्ड, 500 पीआरडी के जवानों की तैनाती की गई है. साथ ही एक कम्पनी पीएसी, दो टीम एटीएस, दो टीम बीडीएस, छह टीम एसडीआरएफ, नौ टीम फायर और चार सीपीयू हॉक टीमों की नियुक्ती की गयी है.
यात्रियों की सुविधा के लिये गंगोत्री व यमुनोत्री धाम में एक-एक खोया पाया केंद्र बनाए गए हैं. स्वास्थ्य विभाग की ओर से छह विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती की गई है. इनमें जानकीचट्टी में दो, बड़कोट में दो, गंगोत्री में एक, जिला अस्पताल में एक चिकित्सक तैनात रहेगा. गंगोत्री में एक मेडिकिल ऑफिसर, जानकीचट्टी और यमुनोत्री में कुल सात मेडिकल आफिसर रहेंगे तैनात. गंगोत्री में दस और यमुनोत्री और जानकीचट्टी में 24 स्वास्थ्य मित्र रखे गए हैं.