BREAKING : उत्तराखंड में ऊर्जा और ईंधन बचत के लिए कैबिनेट में बड़ा फैसला, हफ्ते में एक दिन होगा ‘No Vehicle Day’
उत्तराखंड में मुख्यमंत्री और मंत्रियों के काफिले में आधी की जाएगी वाहनों की संख्या, सरकारी कर्मचारी इस्तेमाल करेंगे सार्वजनिक परिवहन, जानिए कैबिनेट के अन्य फैसले

उत्तराखंड कैबिनेट बैठक में ऊर्जा और ईंधन बचत को लेकर तमाम महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए. जिसके तहत एक दिन ‘नो व्हीकल डे’ होगा. इसके अलावा मुख्यमंत्री एवं मंत्रीगणों के फ्लीट में शामिल होने वाले वाहनों की संख्या को आधा किया जाएगा. सरकारी कर्मचारी सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करेंगे.
सरकारी विभागों में वीसी के जरिए होंगे बैठक, वर्क फ्रॉम पर जोर: इसके तहत सरकारी विभागों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग आधारित बैठकों को बढ़ावा दिया जाएगा. निजी क्षेत्रों में भी वर्क फ्रॉम होम को प्रोत्साहित किया जाएगा. साथ ही लोगों को सार्वजनिक परिवहन के ज्यादा इस्तेमाल के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा.
हफ्ते में एक दिन होगा ‘नो व्हीकल डे’, घटाई जाएगी फ्लीट में गाड़ियों की संख्या: मुख्यमंत्री एवं मंत्रीगणों के फ्लीट में वाहनों की संख्या आधी की जाएगी. हफ्ते में एक दिन नो व्हीकल डे घोषित किया जाएगा. वर्क फ्रॉम होम के तहत घर से ही काम करेंगे. जन सामान्य को भी हफ्ते में एक दिन नो व्हीकल डे (No Vehicle Day) के लिए प्रेरित किया जाएगा.
सरकारी कर्मचारी इस्तेमाल करेंगे सार्वजनिक परिवहन: सरकारी एवं निजी भवनों में एयर कंडीशनर (AC) के इस्तेमाल को सीमित करने के प्रयास किए जाएंगे. इसके साथ ही परिवहन विभाग को सार्वजनिक बसों की सेवा और क्षमता बढ़ाने के निर्देश दिए गए. सरकारी कर्मचारियों को सार्वजनिक परिवहन के इस्तेमाल के लिए प्रेरित किया जाएगा. जिन अधिकारियों के पास एक से ज्यादा विभाग हैं, उनकी ओर से एक दिन में अधिकतम एक वाहन का इस्तेमाल किया जाएगा.
नए सरकारी वाहनों में शामिल होंगे 50 फीसदी ईवी वाहन: इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के लिए जल्द ही प्रभावी ईवी पॉलिसी लाई जाएगी. नए सरकारी वाहनों के खरीद में 50 प्रतिशत अनिवार्य तौर पर ईवी होंगे. इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) के लिए चार्जिंग स्टेशन/नेटवर्क का प्राथमिकता के आधार पर विस्तार किया जाएगा.
विजिट माई स्टेट से बढ़ाया जाएगा घरेलू पर्यटन: विजिट माई स्टेट (Visit My State) अभियान के जरिए घरेलू पर्यटन को बढ़ावा दिया जाएगा. राज्य में विरासत, धार्मिक, वेलनेस, ग्रामीण और इको-टूरिज्म सर्किटों के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा. राज्य में डेस्टिनेशन वेडिंग्स को प्रोत्साहन और सिंगल विंडो क्लीयरेंस (Single Window Clearance) की व्यवस्था की जाएगी. उत्तराखंड इस दिशा में पहले ही पहल कर चुका है.
एक साल तक सोने की खरीद को करें सीमित: प्रवासी भारतीयों को उत्तराखंड में छुट्टियां बिताने के लिए प्रेरित किया जाएगा. मेरा भारत, मेरा योगदान जैसे जन-जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे. मेड इन स्टेट (Made in State) अभियान के तहत स्थानीय उत्पादों की बिक्री बढ़ाई जाएगी. सरकारी खरीद में मेक इन इंडिया नियमों का कड़ाई से अनुपालन किया जाएगा. नागरिकों को एक साल तक सोने की खरीद को सीमित करने के लिए जागरुक किया जाएगा.
खाद्य तेल के इस्तेमाल पर कमी लाने के प्रयास: आम जनमानस को कम तेल वाले भोजन से होने वाले स्वास्थ्य लाभों पर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा. स्कूलों, अस्पतालों और सरकारी कैंटीनों में तेल उपयोग की समीक्षा करते हुए उसके इस्तेमाल में कमी लाए जाने के प्रयास किए जाएंगे. होटल, ढाबा और स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को लो ऑयल मेनू अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा.
खेती के लिए किए जाएंगे ये प्रयास: किसानों को प्राकृतिक खेती (Natural Farming), जीरो बजट खेती (Zero Budget Farming) और बायो आधारित (Bio-Inputs) का प्रशिक्षण दिया जाएगा. उर्वरकों के संतुलित इस्तेमाल और मृदा स्वास्थ्य पर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा.
लगाए जाएंगे पीएनजी कनेक्शन: पीएनजी (Piped Natural Gas) कनेक्शनों के संयोजनों को मिशन मोड में चलाया जाएगा. होटल, रेस्टोरेंट और सरकारी आवासों में पीएनजी (PNG) उपयोग को प्राथमिकता दी जाएगी. इसके अलावा प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना (PM Surya Ghar Yojana) के तहत रूफ टॉप सोलर (Rooftop Solar) को बढ़ावा दिया जाएगा.
गोबर गैस को बढ़ाने पर जोर: गोबर गैस को बढ़ावा देने के लिए पंचायती राज विभाग और ग्राम्य विकास विभाग को निर्देशित किया गया. इतना ही नहीं खनन (Mining), सौर (Solar) और पावर प्रोजेक्ट्स (Power Projects) की मंजूरी प्रदान करने में तेजी लाई जाएगी. मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित एचपीसी 60 दिन में प्रस्ताव को अनुमोदन प्रदान करेगी.