निर्माण एवं विकास कार्यों में पारदर्शिता, गुणवत्ता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए नगर आयुक्त ने जारी किए विस्तृत निर्देश।

देहरादून।नगर निगम देहरादून द्वारा निर्माण एवं विकास कार्यों में पारदर्शिता, गुणवत्ता एवं वित्तीय अनुशासन को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से नगर आयुक्त द्वारा विस्तृत आदेश जारी किए गए हैं। इन निर्देशों का उद्देश्य निर्माण कार्यों के दोहराव (Duplication) को रोकना, विभिन्न विभागों द्वारा एक ही कार्य के प्रस्तावित होने की संभावना समाप्त करना तथा प्रत्येक विकास कार्य की वास्तविक आवश्यकता एवं प्रगति का प्रामाणिक अभिलेखीकरण सुनिश्चित करना है।
नगर आयुक्त ने बताया कि यह देखा जा रहा था कि निर्माण एवं विकास कार्यों से संबंधित आगणन (Estimate) प्रस्तुत करते समय कई मामलों में कार्य स्थल के निर्माण से पूर्व के फोटोग्राफ तथा संबंधित अवर अभियंता/सहायक अभियंता द्वारा कार्य की आवश्यकता के संबंध में प्रमाण-पत्र संलग्न नहीं किए जा रहे थे। ऐसी स्थिति में कार्य की वास्तविक आवश्यकता का उचित मूल्यांकन करना कठिन हो जाता है तथा एक ही कार्य के विभिन्न विभागों द्वारा प्रस्तावित किए जाने अथवा कार्यों के दोहराव की संभावना बनी रहती है।
इन्हीं परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए नगर आयुक्त द्वारा इस संबंध में विस्तृत आदेश जारी किए गए हैं। आदेश के अनुसार अब प्रत्येक निर्माण एवं विकास कार्य के आगणन के साथ जो अभिलेख अनिवार्य रूप से संलग्न किए जाएंगे, उनमें
निर्माण कार्य प्रारंभ होने से पूर्व कार्य स्थल के स्पष्ट फोटोग्राफ,संबंधित अवर अभियंता/सहायक अभियंता का कार्य स्थल पर स्वयं उपस्थित होकर लिया गया जीपीएस (GPS) लोकेशन सहित फोटोग्राफ,संबंधित अभियंता द्वारा कार्य की आवश्यकता एवं औचित्य का प्रमाण-पत्र,निर्माण कार्य पूर्ण होने के उपरांत उसी दिशा (Same Direction) से लिया गया कार्य स्थल का फोटोग्राफ, जिससे कार्य से पूर्व एवं कार्य पूर्ण होने के बाद की स्थिति का स्पष्ट एवं पारदर्शी सत्यापन किया जा सके आदि शामिल है।
नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि इन निर्देशों का उद्देश्य विकास कार्यों की निगरानी व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना, प्रत्येक कार्य का डिजिटल एवं भौतिक रिकॉर्ड तैयार करना तथा सार्वजनिक धन के सदुपयोग को सुनिश्चित करना है। इससे विकास कार्यों की स्वीकृति प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होगी तथा भविष्य में किसी भी प्रकार की अनियमितता की संभावना को न्यूनतम किया जा सकेगा।
आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि किसी आगणन के साथ निर्धारित फोटोग्राफ, जीपीएस लोकेशन अथवा कार्य की आवश्यकता संबंधी प्रमाण-पत्र संलग्न नहीं किया जाता है, तो ऐसे आगणन की स्वीकृति एवं संबंधित कार्य का भुगतान नहीं किया जाएगा। इसके लिए संबंधित अवर अभियंता अथवा सहायक अभियंता व्यक्तिगत रूप से उत्तरदायी होंगे।
नगर आयुक्त ने सभी संबंधित अधिकारियों एवं अभियंताओं को निर्देशित किया है कि जारी आदेश का पूर्ण एवं समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित करें, जिससे नगर निगम द्वारा कराए जा रहे सभी विकास कार्य अधिक पारदर्शी, गुणवत्तापूर्ण, जवाबदेह एवं जनहितकारी बन सकें।