उत्तराखंड

चारधाम यात्रा 2026: गंगोत्री धाम के दर्शन समय में बड़ा बदलाव.

उत्तरकाशी: आगामी चारधाम यात्रा को लेकर गंगोत्री मंदिर समिति ने अपनी तैयारियों और व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। शनिवार को गंगोत्री धर्मशाला में आयोजित तीर्थ पुरोहितों की वार्षिक बैठक में मंदिर समिति ने दर्शन की समय सारिणी में बदलाव और मंदिर परिसर में मोबाइल के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।

दर्शन के समय में हुआ संशोधन

​गंगोत्री मंदिर समिति के सचिव सुरेश सेमवाल ने बताया कि यात्रियों की सुविधा और उन्हें धाम में रुकने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से दर्शन के समय में बदलाव किया गया है।

​नया समय: अब श्रद्धालु दोपहर के बजाय निरंतर शाम 4:00 बजे तक गंगा जी के दर्शन कर सकेंगे।

​शयनकाल: शाम 4:00 बजे से लेकर पौने आठ बजे तक गंगा जी के शयनकाल के लिए कपाट बंद रहेंगे।

​आरती और रात्रि दर्शन: शाम 7:45 बजे होने वाली मुख्य आरती के बाद मंदिर के कपाट दोबारा खुलेंगे और श्रद्धालु रात 10:00 बजे तक दर्शन कर सकेंगे।

​समिति के अनुसार, पहले मंदिर दोपहर 2 बजे से 3 बजे के बीच बंद होता था, लेकिन अब श्रद्धालु दिनभर दर्शन कर पाएंगे और कपाट बंद होने के अंतराल में घाटों पर होने वाली पूजा व अन्य मंदिरों के दर्शन कर सकेंगे।

​मंदिर परिसर में मोबाइल और ‘लाइव’ पर रोक

​व्यवस्थाओं को और अधिक मर्यादित बनाने के लिए समिति ने कड़ा फैसला लेते हुए मंदिर परिसर में मोबाइल फोन ले जाने पर प्रतिबंध लगा दिया है। यह नियम केवल यात्रियों पर ही नहीं, बल्कि तीर्थ पुरोहितों और मंदिर के कर्मचारियों पर भी लागू होगा। समिति ने स्पष्ट किया है कि मंदिर के भीतर से किसी भी प्रकार के ‘लाइव दर्शन’ करवाने पर पूर्ण रोक रहेगी।

19 अप्रैल को खुलेंगे कपाट

​इस वर्ष गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट 19 अप्रैल को श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। गंगोत्री धाम के कपाट खुलने का शुभ मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 15 मिनट तय किया गया है, जिसके साथ ही प्रदेश की विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा का विधिवत आगाज हो जाएगा।

​बैठक में ये रहे मौजूद

​वार्षिक बैठक में आय-व्यय के विवरण के साथ ही पुजारियों की नियुक्ति पर भी चर्चा हुई। इस अवसर पर मंदिर समिति के अध्यक्ष धर्मानंद सेमवाल, सचिव सुरेश सेमवाल, मीडिया प्रभारी सतेंद्र सेमवाल समेत सतीश, अभिषेक, सुशील और राजेश सेमवाल सहित अन्य तीर्थ पुरोहित उपस्थित रहे।

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