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महिला आरक्षण बिल पर देहरादून में घमासान, विधानसभा के बाहर धरना देगी कांग्रेस।

महिला आरक्षण बिल को लेकर देश में राजनीति एक बार फिर से गरमा गई है. कांग्रेस ने अब बीजेपी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया.

इन दिनों नारी शक्ति बंधन संशोधन अधिनियम को लेकर कांग्रेस और बीजेपी की बीच जमकर राजनीति हो रही है. कांग्रेस का कहना है कि संसद के दोनों सदनों में पारित महिला आरक्षण बिल के आधार पर उत्तराखंड विधानसभा में महिलाओं का 33 प्रतिशत आरक्षण लागू किया जाना चाहिए. इसीलिए सरकार पर दबाव बनाने के लिए कल गुरुवार 22 अप्रैल को कांग्रेस उत्तराखंड विधानसभा भवन के बाहर विशाल धरना देने जा रही है.आज बुधवार को उत्तराखंड कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने उत्तराखंड विधानसभा भवन के बाहर प्रस्तावित धरना स्थल का निरीक्षण किया. इस दौरान उनके साथ कांग्रेसी कार्यकर्ता और नेता भी मौजूद रहे. कांग्रेस के नेताओं का कहना है कि लोकसभा व विधानसभा में महिलाओं के 33% आरक्षण का बिल संसद में वर्ष 2023 में पारित होकर राष्ट्रपति के हस्ताक्षर से कानून के रूप में प्रकाशित हो चुका है.

कांग्रेस का आरोप है कि बीजेपी महिला आरक्षण को ढाल बनाकर लोकसभा व विधानसभाओं का नया परिसीमन कर लोकसभा में 840 सीटें सृजित कर देश के संघीय ढांचे को तहस नहस करने की साजिश रची थी, जिसके लिए मोदी सरकार ने विशेष सत्र भी आहूत किया था. हालांकि उसको एकजुट होकर इंडिया गठबंधन ने लोकसभा में धराशाई कर दिया.वहीं कांग्रेस की प्रदेश प्रवक्ता प्रतिमा का कहना है कि आज देश में अजीब सी स्थिति उत्पन्न हो गई है कि सत्ता पक्ष के लोग विपक्ष के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं, जबकि यह काम विपक्ष का होता है. जब सत्ता पक्ष कर्तव्यों से विमुख होता है, तब विपक्ष उन्हें कर्तव्यों का निर्वहन करने की याद दिलाता है. आज सत्ता पक्ष बिल के पास नहीं होने का ठीकरा विपक्ष के सर पर फोड़ रहा है.प्रदेश प्रवक्ता प्रतिमा ने कहा कि यह भी सच है कि विपक्ष ने एकजुट होकर संसद में बिल को हराया, क्योंकि ये महिला आरक्षण बिल की आड़ में परिसीमन कर लोकसभा में सीटें सृजित करके संघीय ढांचे को खुर्द बुर्द करना चाहते थे, इसीलिए लोकतंत्र को बचाने के लिए कांग्रेस समेत सभी विपक्षी दलों ने इस बिल को गिराने का काम किया.उन्होंने कहा कि भाजपा को इसमें भी नेरेटिव सेट करना है, लेकिन जनता भाजपा की असलियत समझ चुकी है. यदि वाकई महिला आरक्षण को लेकर भाजपा की नियत साफ है तो 2023 में संसद मे सर्वसम्मति से पारित किये गए महिलाओं के 33% आरक्षण के बिल को एग्जीक्यूट करके कानून बना दिया जाए. ताकि देश की आधी आबादी को इस आरक्षण के आधार पर लोकसभा की सीटों में प्रतिनिधित्व मिल सके.कांग्रेस का कहना है कि महिला आरक्षण पर प्रदेश में पहले से ही कानून है, उसके बावजूद भाजपा नए संशोधन कानून से देश को गुमराह कर रही है. इसके विरोध में कल पार्टी प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में उत्तराखंड विधानसभा के समक्ष विशाल धरना दिया जाएगा.

वहीं पार्टी प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के निर्देश पर हर जनपद में ब्लॉक स्तर पर कांग्रेस पार्टी संवाद कार्यक्रम आयोजित करेगी. कांग्रेस महिला आरक्षण की हमेशा पक्षधर रही है. पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के कार्यकाल में पंचायत व स्थानीय निकायों में महिलाओं को आरक्षण दिया गया था. कांग्रेस ने 2023 में महिलाओं के लिए लाए गए नारी शक्ति बंधन संशोधन अधिनियम को पास कराने में भी सकारात्मक भूमिका निभाई थी. हालांकि अब जो झूठ बीजेपी फैला रही है, कांग्रेस अब उसका पर्दाफाश करेगा.

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