देहरादून में सिटी बस चालकों के लिए नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच एवं सड़क सुरक्षा शिविर का आयोजन
72 चालकों-परिचालकों का स्वास्थ्य परीक्षण, वाहनों की तकनीकी जांच, 'वेरिफाइड' सुरक्षा स्टिकर और इको-फ्रेंडली ट्रैश बैग वितरण; मानसून में सुरक्षित एवं स्वच्छ सार्वजनिक परिवहन पर विशेष जोर।

संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन एवं सड़क सुरक्षा) डॉ. अनीता चमोला के निर्देशन में आज परिवहन विभाग, देहरादून द्वारा रेंजर्स ग्राउंड, देहरादून में नगर क्षेत्र में संचालित सिटी बसों के चालकों एवं परिचालकों के लिए दो दिवसीय निशुल्क विशेष स्वास्थ्य परीक्षण एवं सड़क सुरक्षा जागरूकता शिविर का सफल आयोजन किया गया साथ ही उनके द्वारा संचालित की जा रही बसों का भी निरीक्षण किया गया


शिविर का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम हेतु वाहन चालकों के स्वास्थ्य की नियमित जांच, मानसून के दौरान सुरक्षित वाहन संचालन सुनिश्चित करना तथा स्वच्छ एवं सुरक्षित सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देना रहा।
शिविर में सभी बस चालकों एवं परिचालकों का जिला चिकित्सालय के विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण, नेत्र परीक्षण, रक्तचाप (Blood Pressure), रक्त शर्करा (Blood Sugar) की जांच तथा फिजिशियन द्वारा संपूर्ण स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। चिकित्सकों ने वाहन संचालन के दौरान स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों एवं नियमित स्वास्थ्य परीक्षण के महत्व पर भी विस्तृत जानकारी प्रदान की।
मानसून सत्र के दृष्टिगत आर.आई टेक्निकल श्री विकास कुमार द्वारा शिविर स्थल पर समस्त वाहनों का विस्तृत तकनीकी निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान वाहनों के वाइपर, अतिरिक्त (स्पेयर) वाइपर, हेडलाइट, इंडिकेटर, ब्रेक लाइट, टायरों की स्थिति, ब्रेकिंग सिस्टम तथा अन्य आवश्यक सुरक्षा उपकरणों का परीक्षण किया गया। साथ ही वाहन चालकों को वर्षा ऋतु में सुरक्षित एवं सुगम संचालन हेतु आवश्यक तकनीकी सावधानियों एवं रखरखाव संबंधी दिशा-निर्देश भी प्रदान किए गए।


पर्यावरण संरक्षण एवं स्वच्छता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से परिवहन विभाग द्वारा प्रत्येक बस को इको-फ्रेंडली गार्बेज (कूड़ा) बैग वितरित किए गए। वाहन संचालकों से अपील की गई कि यात्रा के दौरान उत्पन्न होने वाले कचरे को इन बैगों में एकत्रित कर निर्धारित कूड़ेदान में ही निस्तारित करें, जिससे सार्वजनिक परिवहन स्वच्छ एव प्रत्येक वाहन के दस्तावेजों का सत्यापन किए जाने के उपरांत उस पर “वेरिफाइड” सुरक्षा स्टिकर भी लगाया गया, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि वाहन आवश्यक दस्तावेजों एवं सुरक्षा मानकों के अनुरूप संचालित हो रहे हैं।
यह विशेष शिविर सहायक परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) श्री रत्नाकर सिंह के नेतृत्व में संपन्न हुआ। शिविर के संचालन में परिवहन कर अधिकारी सुश्री प्रज्ञा पंत, समस्त प्रवर्तन दल, बाइक स्क्वाड, सक्रिय सहभागिता करते हुए वाहन चालकों एवं परिचालकों को आवश्यक सहयोग प्रदान किया।
स्वास्थ्य परीक्षण शिविर में दून चिकित्सालय से आए विशेषज्ञ चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल टीम ने अपनी सेवाएं प्रदान कीं, जिनमें डॉ. अमित अरुण (नोडल अधिकारी एवं कैंप कोऑर्डिनेटर), श्री धनवीर बिष्ट, श्री मुकेश सिंह, श्री अमितेश कौशल, श्री शावेज, श्री जुनैद थानवी एवं श्री सुधांशु सहित चिकित्सा दल के अन्य सदस्य तथा नगर बस सेवा के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।


इस अवसर पर डॉ. अनीता चमोला ने कहा कि—
“सड़क सुरक्षा केवल यातायात नियमों के पालन तक सीमित नहीं है, बल्कि वाहन चालक का शारीरिक एवं मानसिक रूप से स्वस्थ होना भी उतना ही आवश्यक है। स्वस्थ चालक ही सुरक्षित यात्रा की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है। परिवहन विभाग समय-समय पर ऐसे स्वास्थ्य परीक्षण शिविर आयोजित करता रहेगा, ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। मानसून के दौरान प्रत्येक वाहन की तकनीकी स्थिति का विशेष महत्व है। साथ ही स्वच्छ एवं पर्यावरण अनुकूल परिवहन व्यवस्था हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। विभाग द्वारा वितरित इको-फ्रेंडली ट्रैश बैग का उद्देश्य सार्वजनिक परिवहन को स्वच्छ बनाना एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।”
उन्होंने सभी वाहन स्वामियों एवं चालकों से अपील की कि वे नियमित रूप से अपने वाहनों का रखरखाव करें, यातायात नियमों का पूर्णतः पालन करें तथा यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। ऐसे जागरूकता एवं स्वास्थ्य परीक्षण कार्यक्रम भविष्य में भी निरंतर आयोजित किए जाते रहेंगे। नि शुल्क स्वास्थ्य शिविर के प्रथम दिन 72 चालकों एवं परिचालकों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया शिविर सुबह 9बजे तीन बजे तक संचालित रहा शिविर के दूसरे दिन 23 तारीख़ को भी जारी रहेगा इसके अतिरिक्त वाहन में जो कमी आ पाई गई है उनको दूर करने के लिए वाहनों को एक सप्ताह के समय भी प्रदान किया गया