चारधाम यात्रा मार्गों पर फल सब्जियों की जांच शुरू, एफडीए ने 33 सैंपल लिए।
खाद्य संरक्षा विभाग ने सबसे ज्यादा सैंपल हरिद्वार जिले से लिए हैं, सैंपल को जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिया गया है

चारधाम यात्रा और पर्यटन सीजन को देखते हुए प्रदेश में खाद्य सुरक्षा को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है. खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने राज्यभर में सघन अभियान शुरू कर दिया है. आयुक्त सचिन कुर्वे के निर्देश पर अपर आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी के नेतृत्व में टीमें सभी जिलों में कार्रवाई कर रही हैं. खासतौर पर चारधाम यात्रा मार्गों, होटल-ढाबों, फल-सब्जी मंडियों और अस्थायी खाद्य दुकानों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है, ताकि यात्रियों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध हो सके.
चारधाम यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालु प्रदेश में पहुंचते हैं. ऐसे में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता बनाए रखना बड़ी चुनौती होती है. इसे देखते हुए विभाग ने यात्रा रूट पर विशेष टीमें तैनात की हैं, जो लगातार निरीक्षण कर रही हैं. अधिकारियों के अनुसार, होटल, रेस्टोरेंट, ढाबों और फूड स्टॉल्स में साफ-सफाई, खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और लाइसेंसिंग की गहन जांच की जा रही है. नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई की जा रही है.
इसी कड़ी में 28 अप्रैल को पूरे प्रदेश में फल और सब्जियों में कीटनाशकों और कृत्रिम रूप से पकाने वाले रसायनों की जांच के लिए विशेष अभियान चलाया गया. इस दौरान तमाम जिलों से कुल 33 सैंपल एकत्रित किए गए. अभियान का मुख्य उद्देश्य रहा कि बाजार में बिक रहे फल और सब्जियां स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित हों और उनमें हानिकारक रसायनों का अत्यधिक उपयोग न किया गया हो.
अभियान के तहत हरिद्वार जिले से सर्वाधिक 12 सैंपल लिए गए, जिनमें तरबूज, खरबूजा, आम, केला, सेब, पपीता, करेला, भिंडी और परवल शामिल हैं. उधम सिंह नगर जिले से 3 नमूने (तरबूज, केला, लौकी), बागेश्वर से 3 (आम, केला, अंगूर) और पिथौरागढ़ से 2 नमूने (तरबूज, लौकी) एकत्र किए गए. टिहरी और अल्मोड़ा से 2- 2 सैंपल लिए गए, जिनमें आम, सेब, तरबूज और बैंगन शामिल हैं. रुद्रप्रयाग से 2 (भिंडी, सेम), नैनीताल से 5 (सेब, आम, मौसंबी, टमाटर, लौकी) और चमोली से 2 नमूने (खीरा, केला) जांच के लिए संग्रहित किए गए.