जबलपुर क्रूज हादसा: बरगी डैम में पसरा मातम, अब तक 9 की मौत; सेना ने संभाला मोर्चा.
मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित बरगी डैम के बैकवॉटर में शुक्रवार को एक भीषण क्रूज हादसा हो गया, जिसने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। तेज तूफान और खराब मौसम के कारण पर्यटकों से भरा क्रूज पानी में समा गया। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 9 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि 6 लोग अब भी लापता हैं। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर पूरे मध्य प्रदेश में फिलहाल क्रूज संचालन पर रोक लगा दी है।

सेना और एनडीआरएफ का संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन
हादसे की गंभीरता को देखते हुए रेस्क्यू ऑपरेशन में भारतीय सेना की टीमों को भी उतारा गया है। एसडीईआरएफ (SDERF) और एनडीआरएफ (NDRF) के साथ अब हैदराबाद से सेना और कोलकाता से पैरामिलिट्री की टीमें हेलीकॉप्टर के जरिए मौके पर पहुंच चुकी हैं। 20 फीट गहरे पानी में डूबे क्रूज को मशीनों की सहायता से किनारे तक खींच लिया गया है। अब रैंप बनाकर क्रूज को पूरी तरह बाहर निकालने की तैयारी है, जिससे अंदर फंसे अन्य लोगों की स्थिति स्पष्ट हो सके।
CCTV से हुआ खुलासा: 43 लोग थे सवार
मध्य प्रदेश टूरिज्म के अधिकारी संजय मल्होत्रा के अनुसार, पास के रिसॉर्ट में लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच से पता चला है कि क्रूज पर कुल 43 लोग सवार थे। इनमें से 28 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है। मृतकों में कर्नाटक का एक परिवार भी शामिल है जो खमरिया (जबलपुर) में रहता था। हादसे में बची एक पर्यटक ने बताया कि तूफान के दौरान क्रूज में पानी भरने लगा था और लाइफ जैकेट तब बांटे गए जब क्रूज डूबने के कगार पर था।
हृदय विदारक मंजर: मां-बेटे के शव लिपट कर मिले
रेस्क्यू के दौरान मौके पर उस समय सन्नाटा पसर गया और लोग भावुक हो गए, जब पानी के अंदर से मां और बेटे के शव एक-दूसरे से चिपकी हुई हालत में मिले। बताया जा रहा है कि डूबते समय दोनों ने एक-दूसरे को कसकर पकड़ लिया था। कैबिनेट मंत्री राकेश सिंह ने पुष्टि की है कि कुछ मृतकों ने लाइफ जैकेट पहनी थी, लेकिन वे एसी केबिन में फंसे होने के कारण बाहर नहीं निकल पाए।
सरकार सख्त: जांच के आदेश और संचालन पर रोक
प्रदेश के पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र लोधी ने घटना को ‘हृदय विदारक’ बताते हुए उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई गई, तो दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। मंत्री ने निर्देश दिए हैं कि जब तक सभी क्रूज का सुरक्षा परीक्षण (Safety Audit) पूरा नहीं हो जाता, तब तक प्रदेश में इनका संचालन बंद रहेगा।
चमत्कारिक बचाव
तबाही के इस मंजर के बीच कुछ सुखद खबरें भी आईं। जबलपुर निवासी रियाज हुसैन और उनका बेटा जाफर चमत्कारिक रूप से बच गए। रियाज एसी केबिन के नीचे फंसे होने के बावजूद 3 घंटे बाद सुरक्षित बाहर निकल आए।
फिलहाल, बरगी डैम के किनारे मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। प्रशासन का कहना है कि लापता 6 लोगों की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन युद्ध स्तर पर जारी है।