एसएसपी दून के नेतृत्व में दून पुलिस का बड़ा खुलासा,मां समेत चार आरोपी गिरफ्तार
पीड़िता की माँ ने ही डेढ़ लाख रुपये में किया था अपनी बेटी का सौदा

देहरादून पुलिस ने नाबालिग की खरीद-फरोख्त के एक सनसनीखेज मामले का खुलासा करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि नाबालिग की मां ने ही आर्थिक तंगी के चलते अपनी 15 वर्षीय बेटी का सौदा कर दिया और बाद में अपहरण की झूठी रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की।
पुलिस के अनुसार, 5 जुलाई 2026 को सहस्त्रधारा रोड निवासी नीलम देवी ने थाना राजपुर में अपनी नाबालिग बेटी के अपहरण की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई। मोबाइल सर्विलांस, सीसीटीवी फुटेज और मैनुअल पुलिसिंग के जरिए जांच के दौरान नाबालिग के उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में होने की जानकारी मिली।पुलिस टीम ने मुजफ्फरनगर पहुंचकर नाबालिग को सकुशल बरामद किया और दो आरोपियों मनीष तथा लवी कुमार को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि नाबालिग को उसकी मां ने बिचौलिया पिंकी मलिक के माध्यम से डेढ़ लाख रुपये में बेचने का सौदा किया था। बाद में लवी कुमार ने युवती को दो लाख रुपये में मनीष को बेच दिया, जिसने उससे विवाह करने के उद्देश्य से उसे खरीदा था

जांच के दौरान पुलिस ने बिचौलिया पिंकी मलिक और नाबालिग की मां नीलम देवी को भी गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में नीलम देवी ने आर्थिक तंगी के कारण अपनी बेटी का सौदा करने की बात स्वीकार की। पुलिस के अनुसार, सौदे की पूरी रकम नहीं मिलने और गिरफ्तारी के डर से उसने अपहरण की झूठी कहानी बनाकर शिकायत दर्ज कराई थी।मामले की विवेचना के दौरान भारतीय न्याय संहिता (BNS) और पोक्सो अधिनियम की गंभीर धाराएं बढ़ाई गई हैं। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि आरोपी पहले भी मानव तस्करी या नाबालिगों की खरीद-फरोख्त जैसे मामलों में शामिल रहे हैं या नहीं।