देहरादून। संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन एवं सड़क सुरक्षा) डॉ. अनीता चमोला के निर्देश पर जनपद देहरादून में दो दिवसीय विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया। यह अभियान विशेष रूप से उन वाहनों के खिलाफ केंद्रित था, जो निजी (प्राइवेट) रूप में पंजीकृत होने के बावजूद वाणिज्यिक कार्यों में संचालित पाए जा रहे थे।

विभाग के अनुसार, इस प्रकार के वाहन न केवल राज्य को कर अपवंचना के माध्यम से आर्थिक नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि वैध रूप से संचालित टैक्सी चालकों के रोजगार पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालते हैं। अभियान का संचालन एआरटीओ प्रवर्तन ऋषिकेश रश्मि पंत एवं एआरटीओ प्रवर्तन देहरादून श्री पंकज श्रीवास्तव के नेतृत्व में किया गया। इसमें एआरटीओ प्रवर्तन विकासनगर श्री अनिल लेगी एवं उनकी टीम ने भी सक्रिय सहयोग दिया।
अभियान के दौरान कुल 23 ऐसे वाहनों को मौके पर निरुद्ध किया गया, जो निजी पंजीकरण के बावजूद व्यावसायिक रूप से संचालित हो रहे थे। इन वाहनों को तत्काल बंद करते हुए उनके साथ यात्रा कर रही सवारियों के लिए वैकल्पिक वाहनों की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई।
इसके अतिरिक्त देहरादून एवं ऋषिकेश परिक्षेत्र में कुल 38 वाहनों को निरुद्ध किया गया तथा 295 वाहनों के चालान किए गए। ऋषिकेश क्षेत्र में ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट की शर्तों का उल्लंघन करने वाले 12 वाहनों को आईएसबीटी क्षेत्र से निरुद्ध किया गया। वहीं देहरादून के आसारोड़ी चेक पोस्ट एवं कुट्ठाल गेट चेक पोस्ट पर भी 18 वाहनों के विरुद्ध कार्रवाई की गई।

परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि आगामी चारधाम यात्रा को देखते हुए ऐसे अभियानों को आगे भी सघन रूप से जारी रखा जाएगा। विशेष रूप से उन वाहनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जो निजी रूप में पंजीकृत होकर वाणिज्यिक उपयोग में लाए जा रहे हैं या ऑल इंडिया परमिट की शर्तों का उल्लंघन कर रहे हैं।
इस अभियान में परिवहन कर अधिकारी सुश्री अनुराधा पंत सहित अन्य अधिकारियों एवं प्रवर्तन टीमों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
डॉ. अनीता चमोला ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि सभी वाहन चालक यातायात नियमों का पूर्णतः पालन करें और वैध दस्तावेज अपने साथ रखें। उन्होंने कहा कि निजी वाहनों का वाणिज्यिक उपयोग न करें तथा केवल वैध परमिट वाले वाहनों का ही प्रयोग करें। साथ ही, ओवरलोडिंग और अनाधिकृत सवारी ढोने से बचें, क्योंकि यह सड़क दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण है।
उन्होंने यह भी कहा कि वाहन चलाते समय निर्धारित गति सीमा का पालन करें, नशे की स्थिति में वाहन न चलाएं तथा चारधाम यात्रा के दौरान पर्वतीय मार्गों पर विशेष सावधानी बरतें। यात्रा पर निकलने से पूर्व वाहन की फिटनेस की जांच अवश्य कर लें।