गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने की मांग तेज, विधानसभा के बाहर समर्थकों ने कराया सामूहिक मुंडन

देहरादून में गैरसैंण को उत्तराखंड की स्थायी राजधानी बनाने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे लोगों ने गुरुवार को विधानसभा के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। ‘स्थायी राजधानी गैरसैंण समिति’ के बैनर तले जुटे समर्थकों ने सरकार के खिलाफ नाराजगी जताते हुए सामूहिक मुंडन कराया।
समिति के सदस्यों का कहना है कि लंबे समय से गैरसैंण को स्थायी राजधानी का दर्जा देने की मांग उठाई जा रही है, लेकिन सरकार की ओर से इस दिशा में कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि लगातार आंदोलन और धरना-प्रदर्शन के बावजूद उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है।
समिति के मुख्य संयोजक और पूर्व आईएएस विनोद प्रसाद रतूड़ी ,समेत गोपाल दत्त कुमेड़ी, दुर्गा प्रसाद थपलियाल, मनमोहन शर्मा, विकास रयाल, दमन सिंह, कुलदीप अग्रवाल और अनूप मेमन समेत कई पदाधिकारियों ने मुंडन कराकर अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि गैरसैंण केवल राजधानी का मुद्दा नहीं, बल्कि उत्तराखंड की पहचान, भावनाओं और पहाड़ के हितों से जुड़ा विषय है।
समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि मांग को लेकर देहरादून समेत प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में प्रदर्शन और आंदोलन किए जा चुके हैं। देहरादून में लंबे समय तक क्रमिक अनशन भी चलाया गया, लेकिन इसके बावजूद समाधान नहीं निकल पाया।
समिति ने घोषणा की है कि 15 अगस्त से देहरादून की अस्थायी विधानसभा के बाहर से गैरसैंण तक महा-पदयात्रा शुरू की जाएगी। आंदोलनकारी पदयात्रा के जरिए स्थायी राजधानी गैरसैंण की मांग को लेकर जनसमर्थन जुटाएंगे।समिति ने साफ किया है कि जब तक गैरसैंण को उत्तराखंड की स्थायी राजधानी घोषित नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से इस मुद्दे पर जल्द निर्णय लेने की मांग की है।विरोध प्रदर्शन में विनोद प्रसाद रतूड़ी, गोपाल दत्त, पार्थ रतूड़ी, दुर्गा प्रसाद थपलियाल, अनूप मेमून, शम्भो प्रसाद सेमवाल, कुलदीप अग्रवाल, मनमोहन शर्मा, दमन सिंह, सुधीर गैरोला, हरीश चंद्र रतूड़ी, दयाल सिंह राणा, सचिन थपलियाल, अजय नेगी मौजूद रहे