ASI फायरिंग केस: अमृतसर ग्रामीण पुलिस ने पांच आरोपियों को किया गिरफ्तार, पाकिस्तान कनेक्शन की जांच

अमृतसर: अमृतसर ग्रामीण पुलिस ने ASI जसवंत सिंह पर हुई फायरिंग के मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार करने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपियों में दो कथित शूटर भी शामिल हैं। जांच के दौरान एक आरोपी के पाकिस्तान में मौजूद कथित हैंडलर के संपर्क में होने के संकेत मिले हैं। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क और इसके पीछे की भूमिका की जांच कर रही है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, शनिवार सुबह आरोपियों के बारे में सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस और CIA यूनिट की संयुक्त टीम ने थाना झंडेर क्षेत्र में तलाशी अभियान शुरू किया। इसी दौरान पुलिस टीम को मोटरसाइकिल पर एक संदिग्ध व्यक्ति आता दिखाई दिया। पुलिस ने उसे रुकने का इशारा किया, लेकिन उसके कथित तौर पर पुलिस टीम पर गोली चलाने के बाद जवाबी कार्रवाई की गई।
पुलिस के अनुसार, इस कार्रवाई में करनवीर सिंह नंदी नामक आरोपी के पैर और सीने में गोली लगी। उसे घायल अवस्था में जंडियाला सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि मुठभेड़ के दौरान एक पुलिसकर्मी की जांघ में गोली लगी, जबकि एक अन्य अधिकारी बुलेटप्रूफ जैकेट पर गोली लगने के कारण बच गया।
घर जाते समय ASI को लगी थी गोली
पुलिस के मुताबिक, ASI जसवंत सिंह अमृतसर कमिश्नरेट में तैनात हैं। घटना के समय वह अपने घर की ओर जा रहे थे। रात करीब आठ बजे उन्होंने गोली चलने की आवाज सुनी और इसी दौरान उन्हें गोली लग गई। घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू करते हुए संदिग्धों की पहचान और उनकी गतिविधियों की जानकारी जुटानी शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस ने दो कथित शूटरों की पहचान की। इसके बाद उनके साथियों, उन्हें कथित तौर पर पनाह देने वाले लोगों और नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यक्तियों के बारे में जानकारी जुटाई गई।
दो पिस्तौल और कारतूस बरामद
SSP कनवलप्रीत सिंह चहल के अनुसार, पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक मोटरसाइकिल, दो पिस्तौल और जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में एक आरोपी के पाकिस्तान स्थित कथित हैंडलर के संपर्क में होने के संकेत मिले हैं।
IGP बॉर्डर रेंज गुरप्रीत सिंह भुल्लर के मुताबिक, जांच में यह भी सामने आया है कि विदेश में बैठे कथित हैंडलर पैसों का लालच देकर आरोपियों से वारदात करवाने की कोशिश कर रहे थे। हालांकि, इस दावे की विस्तृत पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।