उत्तराखंडउधम सिंह नगर

नोएडा के बाद आब उत्तराखंड में श्रमिकों का उग्र धरना शुरू, अलर्ट हुआ प्रशासन .

श्रमिक आंदोलन के बाद श्रम निरीक्षक अरविंद सैनी मौके पर पहुंचे और कंपनी प्रबंधन तथा श्रमिकों के प्रतिनिधियों से बात की

नोएडा में हुए श्रमिक आंदोलन की गूंज अब उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले तक पहुंच गई है. पंतनगर सिडकुल क्षेत्र की कई बड़ी कंपनियों में श्रमिक धरने पर बैठ गए हैं. वेतन वृद्धि सहित कई मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं. मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है. प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है.बताया जा रहा है कि ए जाकी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, बडवे, अनसूया ऑटो प्रेस और बेला राइस जैसी कंपनियों में काम करने वाले श्रमिक बड़ी संख्या में कंपनी परिसरों के बाहर एकत्र हुए. सभी ने जोरदार नारेबाजी की. प्रदर्शनकारियों ने कंपनी प्रबंधन के खिलाफ विरोध जताते हुए नारे लगाए. सभी ने अपनी मांगों को जल्द पूरा करने की अपील की.श्रमिकों की प्रमुख मांगों में वेतन वृद्धि सबसे अहम है. उनका कहना है कि वर्तमान में उन्हें लगभग 11,500 रुपये मासिक वेतन दिया जा रहा है, जो कि आज के महंगाई भरे दौर में बेहद कम है. उन्होंने मांग की है कि उनका न्यूनतम वेतन बढ़ाकर 21,000 रुपये किया जाए. इसके अलावा श्रमिकों ने आने-जाने के लिए उचित परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने की भी मांग रखी है.

जानकारी के अनुसार, ए जाकी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड में करीब 16,000 श्रमिक तीनों शिफ्टों में कार्यरत हैं. अनसूया ऑटो प्रेस में लगभग 1,000 मजदूर काम करते हैं. इसी तरह अन्य कंपनियों में भी बड़ी संख्या में श्रमिक कार्यरत हैं. ऐसे में जब इन कंपनियों के कर्मचारी एक साथ धरने पर बैठते हैं, तो इसका असर पूरे औद्योगिक क्षेत्र पर पड़ना तय माना जा रहा है. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन और पुलिस तुरंत हरकत में आ गए. कई थानों की पुलिस, पीएसी और खुफिया विभाग के अधिकारी मौके पर तैनात किए गए हैं. जिससे किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके. प्रशासन का प्रयास है कि हालात नियंत्रण में बने रहें. बातचीत के जरिए समाधान निकाला जाए.सूचना मिलते ही श्रम विभाग भी सक्रिय हो गया. अरविंद सैनी, श्रम निरीक्षक मौके पर पहुंचे. उन्होंने कंपनी प्रबंधन तथा श्रमिकों के प्रतिनिधियों के साथ वार्ता शुरू की. उन्होंने बताया फिलहाल बातचीत जारी है. इसके बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी.जिस तरह से नोएडा में श्रमिक आंदोलन ने उग्र रूप लिया था, उसी को देखते हुए प्रशासन यहां अतिरिक्त सतर्कता बरत रहा है. श्रमिकों की मांगों पर जल्द ठोस निर्णय लेने को कहा है.

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