बेरोजगार संघ ने मांगा विधानसभा अध्यक्ष का इस्तीफा, DDO नियुक्ति पर उठाये सवाल
बेरोजगार संघ अध्यक्ष राम कंडवाल ने कहा विधानसभा अध्यक्ष इस मामले में कोई ठोस कदम नहीं उठा रही हैं.

विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान उत्तराखंड बेरोजगार संघ ने अपनी मांगों को लेकर विधानसभा घेराव करने की कोशिश की. पुलिस ने बेरोजगारों को रिस्पना पुल से पहले बैरिकेडिंग पर रोक दिया. जिसके बाद उत्तराखंड बेरोजगार संघ के कार्यकर्ताओं ने हाथों में पोस्टर लेकर अपनी समस्याओं को सरकार के समक्ष रखा.
उत्तराखंड बेरोजगार संघ के अध्यक्ष राम कंडवाल ने कहा उत्तराखंड विधानसभा में डीडीओ के पद पर मयंक सिंघल की तैनाती की गई है. जिनके सभी दस्तावेज फर्जी होने का आरोप है. उन्होंने बताया संबंध में सभी जरूरी दस्तावेज बेरोजगार संघ की तरफ से विधानसभा सचिव को पहले ही सोपे जा चुके हैं. इसके बावजूद अभी तक उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है.
उत्तराखंड बेरोजगार संघ के अध्यक्ष राम कंडवाल ने आरोप लगाया कि विधानसभा अध्यक्ष इस मामले में कोई ठोस कदम नहीं उठा रही हैं. अगर वह मयंक सिंघल को पद से नहीं हटा पा रही हैं तो उन्हें नैतिक आधार पर अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए. राम कंडवाल ने यह भी कहा कि ऐसे अधिकारी की नियुक्ति के कारण उत्तराखंड के योग्य और प्रतिभावान अफसरों को अवसर नहीं मिल पा रहा है.
इसके अलावा बेरोजगार संघ ने उत्तराखंड भर्ती की वेटिंग लिस्ट को तत्काल जारी किए जाने की भी मांग उठाई है. साथ यूकेएसएसएससी का नया परीक्षा कैलेंडर जारी किए जाने की मांग को लेकर भी बेरोजगार संघ ने नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया. बेरोजगार संघ ने लोक सेवा आयोग की ओर से आयोजित उत्तराखंड लेक्चरर परीक्षा की तिथि बदलने की भी मांग की.
बेरोजगार संघ के कार्यकर्ताओं ने कहा यूपी पीजीटी और यूकेपीएससी परीक्षाओं की तारीख एक ही दिन निर्धारित होने की वजह से अभ्यर्थियों के सामने गंभीर समस्या खड़ी हो गई है. जिसके कारण वे दोनों परीक्षाओं में सम्मिलित नहीं हो पा रहे हैं. बेरोजगार संघ ने चेताया कि अगर उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं होती है तो उन्हें आंदोलन को और तेज करना पड़ेगा.