
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का उत्तराखंड में बतौर सीएम रहते हुए 5 साल का कार्यकाल पूरा हो गया है। सीएम धामी को 4 जुलाई 2021 को प्रदेश की कमान सौंपी गई थी, तभी से वो लगातार सीएम की कुर्सी संभाले हुए हैं। पिछले विधानसभा के कार्यकाल के साथ ही वर्तमान विधानसभा के कार्यकाल को मिलकर सीएम धामी का पांच साल का कार्यकाल चार जुलाई शनिवार को पूरा हो गया है।
धामी बीजेपी के पहले ऐसे सीएम भी बन गए हैं, जिन्होंने उत्तराखंड में पांच साल का कार्यकाल पूरा किया है। इसके बाद 9 जुलाई को धामी एक नया रिेकॉर्ड बनाएंगे, 9 जुलाई को धामी पूर्व सीएम एनडी तिवारी का रिकॉर्ड तोड़कर प्रदेश के सबसे लंबे कार्यकाल पूरा करने वाले सीएम बन जाएंगे। दिवंगत एनडी तिवारी कांग्रेस पार्टी के नेता थे और एक मात्र प्रदेश के ऐसे सीएम रहे हैं, जिन्होंने 5 साल का कार्यकाल पूरा किया है। अब तक उन्हीं का सबसे लंबा कार्यकाल रहा है। 9 जुलाई को धामी इस रिकॉर्ड को भी तोड़ने जा रहे हैं।
धामी सरकार की कई बड़ी उपलब्धियां
5 सालों के दौरान धामी सरकार ने कई बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं। खास बात ये है कि इस दौरान कई बार प्रदेश में राजनीतिक अस्थिरता की बात भी सामने आई, लेकिन धामी ने सभी चुनौतियों को पार कर एक कुशल राजनीतिज्ञ का परिचय दिया और सभी विधायकों और सीनियर नेताओं को साथ लेकर आगे बढ़ते चले गए। सीएम धामी ने 5 साल में कई बड़े और कड़े फैसले लिए। इन फैसलों की वजह से धामी को रक्षा मंत्री और बीजेपी के दिग्गज नेता राजनाथ सिंह ने धाकड़ और धुरंधर धामी कहा। जिसके बाद से धामी मीडिया में धाकड़ और धुरंधर धामी के नाम से भी जाने गए हैं।
उत्तराखण्ड देश का पहला राज्य बना जहां समान नागरिक संहिता लागू की गई। 27 जनवरी 2025 से समान नागरिक संहिता लागू है। सीएम धामी ने चुनाव से पहले यूसीसी लागू करने का वादा किया था, चुनाव जीतते ही धामी ने पहली ही कैबिनेट में इसको लेकर फैसला लिया और इसे रिकॉर्ड समय में लागू भी कर दिया। एक साल के भीतर करीब 5 लाख लोगों ने यूसीसी में आवेदन किया।
धामी सरकार ने प्रदेश में देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया। पेपर लीक प्रकरण सामने आने के बाद धामी ने नकल विरोधी कानून लागू कर कड़ा संदेश दिया। फरवरी 2023 से The Uttarakhand Competitive Examination Act, 2023 लागू किया गया है। इसके तहत दोषियों के लिए आजीवन कारावास और 10 करोड़ रुपए तक के जुर्माने का प्रावधान है।
सीएम धामी ने सख्त धर्मांतरण कानून, दंगारोधी कानून लागू कर सुशासन के संकल्प को पूरा किया है। उत्तराखंड में जबरन, धोखे, प्रलोभन या दबाव के जरिए धर्म परिवर्तन के खिलाफ उत्तराखंड धर्म स्वतंत्रता (संशोधन) अधिनियम लागू है। धर्मांतरण के दोषी पाए जाने पर 3 साल से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान है। लैंड जिहाद, लव जिहाद, अवैध मदरसों व अतिक्रमण पर निरंतर कार्रवाई और सख़्त भू-क़ानून लागू कर देवभूमि के मूल स्वरूप की रक्षा के लिए अपनी प्रतिबद्धता को साबित किया है। लैंड जिहाद और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामलों से निपटने के लिए धामी सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं।
राज्य का जीएसडीपी 3.81 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचा प्रति व्यक्ति आय बढ़कर 2.73 लाख रुपये हो गई। उत्तराखंड ने विभिन्न राष्ट्रीय सूचकांकों में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। नीति आयोग के निर्यात तैयारी सूचकांक, 2024 में छोटे राज्यों की श्रेणी में प्रथम स्थान और एसडीजी इंडेक्स 2023-24 में शीर्ष स्थान प्राप्त करना राज्य की प्रगति का प्रमाण है।
उत्तराखंड में पर्यटन और चार धाम यात्रा प्रदेश के लिए रोजगार की रीढ़ है। चारों धाम में रिकॉर्ड श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। राज्य में पहली बार शीतकालीन यात्रा की शुरुआत की गई। इस पहल को प्रोत्साहित करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी स्वयं मुखवा पहुंचे, जो मां गंगा का शीतकालीन निवास स्थल है। कुमाऊं क्षेत्र में मानसखंड मंदिर माला मिशन के तहत 48 मंदिरों और गुरुद्वारों को एक धार्मिक सर्किट के रूप में विकसित किया जा रहा है।सरकार अब इन्फ्रास्ट्रक्चर पर फोकस कर रही है।