NEET पेपर लीक पर कांग्रेस का विरोध तेज, देहरादून में कैंडल मार्च निकालकर सरकार को घेरा
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रिया थापा के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन, परीक्षा की निष्पक्षता पर उठाए सवाल और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।

प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली पर उठ रहे सवालों को लेकर कांग्रेस ने रविवार को देहरादून में विरोध प्रदर्शन किया। रिया थापा के पूजा विहार स्थित आवास से कैंडल मार्च निकालकर पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग की और सरकार को जिम्मेदार ठहराया।
कैंडल मार्च शुरू होने से पहले रिया थापा को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। उनके परिजनों, रिश्तेदारों, स्थानीय लोगों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
कांग्रेस नेता वैभव वालिया ने कहा कि रिया थापा की मौत केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि देश की शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। उनका आरोप था कि NEET सहित कई प्रतियोगी परीक्षाओं में बार-बार सामने आ रहे पेपर लीक, भ्रष्टाचार और प्रशासनिक लापरवाही ने लाखों युवाओं के भविष्य को अनिश्चित बना दिया है।
उन्होंने कहा कि वर्षों की मेहनत करने वाले छात्रों का परीक्षा प्रणाली पर भरोसा कमजोर पड़ रहा है और सरकार युवाओं के भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने में असफल रही है।
इस बीच, कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला के नेतृत्व में देहरादून में मशाल जुलूस भी निकाला गया। इसमें छात्र-छात्राएं, अभिभावक, युवा और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक शामिल हुए। रौतेला ने कहा कि यह आंदोलन केवल रिया थापा को न्याय दिलाने तक सीमित नहीं है, बल्कि देशभर के छात्रों के लिए निष्पक्ष, पारदर्शी और जवाबदेह परीक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग भी है। उन्होंने कहा कि युवाओं ने इस आंदोलन के जरिए स्पष्ट संदेश दिया है कि उनके भविष्य से किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
गौरतलब है कि 23 वर्षीय रिया थापा ने हाल ही में आत्महत्या कर ली थी। वह देहरादून की रहने वाली थीं और 12वीं में 97.6 प्रतिशत अंक हासिल करने के बाद मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रही थीं। उनके निधन के बाद परीक्षा व्यवस्था और छात्रों पर बढ़ते मानसिक दबाव को लेकर बहस तेज हो गई है।