संसद मार्च के दौरान बढ़ा तनाव, प्रदर्शनकारियों ने किया संसद की ओर कूच; सुरक्षा व्यवस्था सख्त
पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़कर भीड़ को रोका, अभिजीत दीपके ने खत्म की भूख हड़ताल; सोनम वांगचुक ने अस्पताल से डिस्चार्ज की मांग की

सोमवार को संसद मार्च के दौरान राजधानी दिल्ली में उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई, जब प्रदर्शनकारियों ने संसद भवन की ओर बढ़ने की कोशिश की। प्रदर्शनकारियों के संसद परिसर के करीब पहुंचने पर पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए बैरिकेडिंग की, लेकिन कुछ लोग सुरक्षा घेरा पार करने का प्रयास करने लगे। हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े, जिसके बाद भीड़ तितर-बितर हो गई।

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घटना के दौरान संसद की कार्यवाही जारी थी और प्रधानमंत्री समेत सभी सांसद संसद भवन के भीतर मौजूद थे। सुरक्षा के मद्देनजर संसद के मुख्य प्रवेश द्वार को बंद कर दिया गया और पूरे परिसर में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई।
इससे पहले सुबह प्रदर्शनकारी राजीव चौक और मंडी हाउस मेट्रो स्टेशन तक पहुंच गए थे। कई प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग पार कर पार्लियामेंट स्ट्रीट थाना क्षेत्र तक पहुंचने की भी कोशिश की, जिसके चलते पुलिस को अतिरिक्त बल तैनात करना पड़ा।
इसी बीच, आंदोलन से जुड़ा एक बड़ा घटनाक्रम भी सामने आया। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सरकार के साथ बातचीत शुरू होने की जानकारी देते हुए अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर दी। उन्होंने आंदोलनकारियों से भी फिलहाल आंदोलन स्थगित रखने और बातचीत के नतीजों का इंतजार करने की अपील की।
वहीं, भूख हड़ताल के बाद दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती सोनम वांगचुक ने अस्पताल प्रशासन को पत्र लिखकर संसद मार्च में शामिल होने की इच्छा जताई और जल्द डिस्चार्ज देने का अनुरोध किया है। दूसरी ओर, CJP के प्रवक्ता सौरभ दास और आशुतोष रांका ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात कर आंदोलन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। अब सभी की नजर सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच चल रही बातचीत और अगले घटनाक्रम पर टिकी है।