हरिद्वार जिला योजना की बैठक में हंगामा, विधायकों ने फाइल फेंक किया मीटिंग का बहिष्कार.
हरिद्वार में कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज की अध्यक्षता में शुरु हुई जिला योजना की बैठक आज हंगामे की भेंट चढ़ गई.

उत्तराखंड के हरिद्वार जिले में आज जिला योजना की बैठक हुई, जिसमें जबरदस्त हंगामा देखने को मिला. हरिद्वार के जिला प्रभारी मंत्री सतपाल महाराज की अध्यक्षता में बैठक शुरू होने ही वाली थी कि कांग्रेस और बसपा विधायकों ने बैठक के एजेंडे में अपने प्रस्ताव शामिल ना किए जाने पर हंगामा कर दिया.इस दौरान सभी छह विधायक अपनी जगह पर खड़े होकर बोलते रहे और उसके बाद एजेंडे की फाइल फेंक कर बैठक का बहिष्कार करते हुए बाहर निकल गए. बहिष्कार करने वाले में बसपा के मोहम्मद शहजाद और अन्य पांच विधायक कांग्रेस के थे.इस दौरान मंत्री सतपाल महाराज और जिला प्रशासन के अधिकारियों ने भी नाराज विधायकों को समझाने की कोशिश की, लेकिन विधायकों ने किसी की एक नहीं सुनी. बैठक का बहिष्कार करने के बाद कांग्रेस विधायक रवि बहादुर, अनुपमा रावत, फुरकान अहमद, ममता राकेश, वीरेंद्र जाति और बसपा विधायक मोहम्मद शहजाद ने बैठक हॉल के बाहर धरना दिया और जमकर नारेबाजी की.
विधायकों का कहना है कि उनके क्षेत्र के प्रस्ताव जिला योजना में शामिल नहीं किए जा रहे हैं, जबकि ठेकेदारों और अधिकारियों के प्रस्ताव एजेंडे में शामिल है. मंत्री सतपाल महाराज का कहना है कि बैठक में सभी विभागों और क्षेत्रों से जुड़े प्रस्ताव शामिल किए गए हैं, लेकिन कांग्रेस और बसपा के विधायक सिर्फ विरोध करने के लिए आरोप लगा रहे हैं.बसपा विधायक मोहम्मद शहजादने बताया कि पूरे हरिद्वार जिले को ठेकेदार चला रहे हैं. ठेकेदारों द्वारा दिए गया प्रस्तावों को ही अधिकारी स्वीकार करते हैं. मंत्री सतपाल महाराज से आग्रह किया था, लेकिन हमारे प्रस्ताव स्वीकार नहीं किए गए. यदि ठेकेदारों और अधिकारियों को ही सब कुछ करना है, तो फिर विपक्षी विधायक बैठक में शामिल होकर क्या करेंगे?