शिक्षकों के तबादलों की प्रक्रिया को मिली 55 दिन की मोहलत, फैसले से बढ़ीं नई चुनौतियां
स्थानांतरण की समयसीमा बढ़ने के बाद कई शिक्षक असमंजस में, नई व्यवस्था से प्रक्रिया और इंतजार दोनों लंबा होने की संभावना।

उत्तराखंड के शिक्षा विभाग में शिक्षकों और कर्मचारियों के तबादलों को लेकर नई हलचल शुरू हो गई है। राज्य सरकार ने स्थानांतरण प्रक्रिया पूरी करने के लिए विभाग को 55 दिन का अतिरिक्त समय दिया है। इससे धारा 27 के तहत विशेष अनुरोध वाले तबादलों का रास्ता खुल सकता है, हालांकि नियमित तबादलों पर न्यायिक बाधाएं अब भी बनी हुई हैं।
विभाग ने यह अतिरिक्त समय पिछले लंबित मामलों को निपटाने और नई स्थानांतरण प्रक्रिया शुरू करने के लिए मांगा था। अब शिक्षकों से दोबारा आवेदन लेकर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार स्थानांतरण किए जाने की तैयारी है। हालांकि सीमित समय में पूरी प्रक्रिया पूरी करना विभाग के लिए चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है।
इस बीच शिक्षा विभाग ने मेडिकल आधार पर होने वाले तबादलों को लेकर भी सख्ती बढ़ाने का फैसला किया है। अब ऐसे सभी शिक्षकों और कर्मचारियों का विशेष मेडिकल बोर्ड से दोबारा स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाएगा। इसका उद्देश्य फर्जी मेडिकल प्रमाणपत्रों पर रोक लगाना और वास्तविक मामलों की जांच सुनिश्चित करना है।
- विभाग ने यह भी संकेत दिया है कि जो शिक्षक या कर्मचारी स्वास्थ्य कारणों से सेवा देने में अक्षम पाए जाएंगे, उन्हें नियमों के तहत अनिवार्य सेवानिवृत्ति (Compulsory Retirement) देने की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है। ऐसे में जहां एक ओर तबादलों को लेकर उम्मीद जगी है, वहीं नए मेडिकल नियम कई शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए चिंता का विषय बन सकते हैं।