
रुड़की: भारतीय सेना में भर्ती होने का जुनून युवाओं के सिर चढ़कर बोल रहा है। हरिद्वार जिले के रुड़की स्थित बीईजी सेंटर के पवेलियन ग्राउंड में चल रही अग्निवीर भर्ती रैली में बड़ी संख्या में युवा अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। हालांकि, इस दौरान कुछ अभ्यर्थियों के ऐसे तरीके सामने आए हैं, जिन्होंने सभी को हैरान करने के साथ-साथ चिंता भी बढ़ा दी है। सेना में भर्ती के लिए निर्धारित लंबाई पूरी करने की चाह में कुछ युवा कथित तौर पर अपने सिर पर लाठी-डंडों से चोट मारकर सूजन लाने की कोशिश कर रहे हैं।
हाइट बढ़ाने के लिए अपना रहे जोखिम भरे तरीके
जानकारी के मुताबिक, कुछ अभ्यर्थियों को आशंका है कि निर्धारित लंबाई पूरी नहीं होने के कारण वे भर्ती प्रक्रिया से बाहर हो सकते हैं। इसी डर में वे सिर पर चोट मारकर सूजन लाने जैसे खतरनाक तरीके अपना रहे हैं। इतना ही नहीं, चोट वाली जगह पर नींबू लगाने की बात भी सामने आई है।
हालांकि, सिर पर चोट मारने से शरीर की वास्तविक लंबाई बढ़ने का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है। इसके उलट, ऐसा करना गंभीर रूप से नुकसानदायक हो सकता है। सिर पर चोट लगने से मस्तिष्क में चोट, आंतरिक रक्तस्राव और अन्य जानलेवा जटिलताएं हो सकती हैं। सेना में भर्ती होने का सपना पूरा करने के लिए इस तरह अपनी जान जोखिम में डालना किसी भी लिहाज से समझदारी नहीं है।
23 अक्टूबर तक चलेगी भर्ती रैली
रुड़की के बीईजी सेंटर स्थित पवेलियन ग्राउंड में 5 अक्टूबर से शुरू हुई अग्निवीर भर्ती रैली 23 अक्टूबर तक चलेगी। इसमें उत्तराखंड के अलावा उत्तर प्रदेश के युवा भी हिस्सा ले रहे हैं। अभ्यर्थी दौड़ समेत विभिन्न शारीरिक दक्षता परीक्षणों में शामिल होकर सेना में भर्ती होने का प्रयास कर रहे हैं।
दोबारा मापी जाती है अभ्यर्थियों की लंबाई
सेना भर्ती कार्यालय लैंसडाउन के निदेशक कर्नल रंजीत सिंह पवार के मुताबिक, किसी अभ्यर्थी की लंबाई को लेकर संदेह होने पर उसकी दोबारा जांच की जाती है। खासकर लंबे बाल रखने वाले युवाओं को बाल छोटे करवाकर फिर से आने के लिए कहा जाता है। इसके लिए उन्हें करीब दो से ढाई घंटे का समय दिया जाता है, जिसके बाद उनकी लंबाई दोबारा मापी जाती है।
ऐसे में अभ्यर्थियों को किसी भी तरह के खतरनाक प्रयोग से बचना चाहिए और भर्ती प्रक्रिया के निर्धारित नियमों का पालन करना चाहिए।